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ग्रामीण
प्रौद्योगिकी
का प्रमुख
बल समाज के
उन ग्रामीण
क्षेत्रों
में दिया
जाता है जहां
नवीन विकास
तकनीकी के
लाभ से लोग
वंचित हैं।
कपार्ट ऐसे
विकासाधीन
ग्रामीण
प्रौद्योगिकी
के
कार्यक्रमों
में पूर्ण
सहयोग देता
है, जैसे कि
लाभहीन तथा
प्रयोगशाला
से
निरीक्षित
नवीन तकनीकी
के प्रसार
को पहुंचाना,
जो अन्य
संगठनों
द्वारा नहीं
दी जाती है।
ग्रामीण
महिला
दोगुनी समस्या
से जूझती है,
घर के काम की
और घर से
बाहर की समस्याओं
की इस स्थिति
को समझते
हुए तकनीकी
विकास की
मुख्य
भूमिका
समयानुसार
नारी को
विकास
कार्यक्रम
में भाग लेने
लायक बनाने
की शक्ति
प्रदान करना
है, ग्रामीण
प्रौद्योगिकी
विभाग का
मुख्य
आकर्षण
महिला
विकास
तकनीक को
लाना है। यह
केन्द्र 23
तकनीकी
संसाधन केन्द्रों
के सहयोग से
क्षमता
निर्माण तथा
तकनीकी स्थानांतरण
प्रमुख
क्षेत्रों
में
निर्मित
करता है।
टीआरसी बुलेटिन
का समाचार
पत्र नई
तकनीकियों
तथा बाधाएं
तोड़ते हुए
रास्ते की
सारी खबर
देता है।
निम्नलिखित
के लिए
दिशानिर्देश
:-
·
स्थिर
मड ब्लॉक (एसएमबी)
प्रौद्योगिकी-ईंट
का विकल्प
· खाद्य
प्रसंस्करण
·
ग्रामीण
गैसीफायर
प्रौद्योगिकी
संबंधी
मॉडल योजना
·
ग्रामीण
प्रौद्योगिकी
योजना का
विकास
·
बांस
की खेती
·
निम्न
लागत वाली
नर्सरी
तकनीकी
·
बागवानी
उत्पादों
का निम्न
लागत
प्रसंस्करण
और संरक्षण
·
जैविक
कृषि
·
पॉटरी
प्रौद्योगिकी
·
हस्त
निर्मित
कागज़
·
मशरूम
की खेती
·
औषधीय
पौधों की स्थायी
खेती और
कटाई
·
प्रौद्योगिकी
संसाधन केन्द्र
·
भारत
में
ग्रामीण
क्षेत्रों
में कुपोषण
से जूझने के
लिए
सामुदायिक
पहलों का
संवर्धन
टीआरसी
बुलेटिन
की प्रति
प्राप्त
करने के लिए
संपर्क करें
: टेलिफोन : 011-26524324,
फैक्स : 011-26862716
स्वयंसेवी
संगठनों को
सहयोग देने
के अतिरिक्त
इस विभाग
द्वारा
उपयुक्त
प्रौद्योगिकियों
के वाणिज्यीकरण
तथा नवाचारी
निजी विकास
के लिए
पर्याप्त
व्यवसायिक
समर्थन देने
का कार्य भी
किया जाता
है।
तकनीकों
की सूची :
1.
आग
से बचाने
वाली छप्पर
2.
वर्षा
जल का
एकत्रीकरण
3.
फ्लोराइड
निष्कासन
हैन्ड पम्प
4.
एनएडीईपी
कम्पोस्टिंग
टेक्नोलॉजी
5.
नारियल
के पत्तों
द्वारा
निर्मित छप्पर
6.
तारा
हैन्डलूम
7.
यादृच्छिक
रबल ब्लॉक्स
8.
गुना
टाइलों की
छत बनाना
9.
फेरो
सीमेंट की
छत बनाना
10.
अर्थ
रिसेप्टिव
मीटर
11.
जियोडेसिक
बांध
12.
हाईड्रैम
13.
एकल
फेज़
वेल्डिंग
करने का
ट्रांसफार्मर
14.
गैसीफिकेशन
15.
पनचक्की
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