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अंतरराष्ट्रीय
निधिकरण
प्रभाग को
पिछले वर्षों
में 17 दानी
संगठनों से
धनराशि
प्राप्त
हुई है।
दैनिश ऐम्बैसी
(डीएएनआईडीए)
तथा
यूएनडीपी
द्वारा हाले
ही में
धनराशि
प्राप्त
हुई है।
जीओआई-यूएनडीपी
के ऊर्जा
संबंधी सह-कार्यक्रम
का आरंभ
दिसंबर 1999 को
हुआ।
अपरंपरागत
ऊर्जा
संसाधन
मंत्रालय (एमएनईएस)
कार्यकारी
संस्था है
तथा कपार्ट
सह-कार्यक्रम
कार्यान्वयन
की संस्था
है। कपार्ट
सामाजिक
संस्थाओं
तथा
ग्रामीण
प्रौद्योगिकीकरण
द्वारा
रांची तथा
सामाजिक
कार्य
संसाधन केन्द्र,
तिलोनिया
में सह-कार्यक्रम
द्वारा यह
प्रयोग कर
रहा है।
बिहार
ऊर्जा सह-कार्यक्रम
एसआरआई
द्वारा
प्रयुक्त
किया गया है –
‘ऊर्जा
सेवाएं
ग्रामीण
प्रौद्योगिकीकरण
के आगरा ब्लॉक,
रांची’में,
जिसका
उद्देश्य
है ग्रामीण
व्यवसायिक
क्षेत्र
में योजना
को
कार्यान्वित
करना है। इस
क्षेत्र के 15
गांवों में
खाना
पहुंचाना,
सहायक
कार्यक्रम
द्वारा
ऊर्जा
सेवाएं
पहुंचाना
जैसे रोशनी,
करना,
सिंचाई, कृषि
उत्पादन
संबंधी
सुविधाएं
आदि इस सह-कार्यक्रम
का कुल बजट
तीन वर्ष के
लिए 600,000
अमेरिकन
डॉलर है।
द्वितीय
ऊर्जा सह-कार्यक्रम
एसडब्ल्यूआरसी,
तिलोनिया
द्वारा
कार्यान्वित
विषय है – ''आवश्यक
विकास योजना
का सौर शक्ति
के आधार पर
प्रसार-आईएनडी/98/642
का
यूनएनडीपी''।
यह सह-कार्यक्रम
सामुदायिक
आधार पर सौर
पीवी
प्रक्रिया
द्वारा
भारत के सात
राज्यों
तथा बिजली
रहित गांवों
के क्षेत्रों
में
पहुंचाना-राजस्थान,
बिहार,
हिमाचल
प्रदेश, मध्यप्रदेश,
सिक्किम, जम्मू-कश्मीर
तथा असम यह
कार्यक्रम
तीन वर्षीय
है, जिसका
कुल बजट 1.2
मिलियन
अमेरिकन
डॉलर है।
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