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लोक
कार्यक्रम
और ग्रामीण
प्रौद्योगिकी
विकास
परिषद (कपार्ट)
की स्थापना
पीपल्स एक्शन
और
डेवलपमेंट
इंडिया (पेडी)
तथा
काउंसिल
फॉर
एडवांसमेंट
ऑफ रूरल टेक्नोलॉजी
(कार्ट) को
विलय करके 1986
सितम्बर
में की गई थी
और यह
ग्रामीण
विकास
मंत्रालय,
भारत सरकार
के अधीन एक
स्वायत्त
निकाय के
रूप में
कार्य करती
है, जिसका
मुख्यालय
नई दिल्ली
में स्थित
है। कपार्ट
का प्रमुख
लक्ष्य
विकास
कार्यक्रमों
के कार्यान्वयन
में गैर
सरकारी स्वैच्छिक
संगठनों के
माध्यम से
लोगों
शामिल करना
और आवश्यकता
आधारित
नवाचारी
परियोजनाएं
लेना है।
कपार्ट
ग्रामीण
क्षेत्रों
में विकास
के लिए जन
आंदोलन के
माध्यम से
सामाजिक
प्रेरण के
उच्च स्तर,
सामाजिक
बाधाओं को
कम करते हुए
तथा
ग्रामीण
निर्धनों
को सशक्तीकरण
के लिए
कार्य करता
है।
महानिदेशक,
जो कपार्ट
के मुख्य
कार्यपालन
अधिकारी
हैं, कि
सहायता दो
महा निदेशक
और एक मुख्य
सतर्कता
अधिकारी एवं
कपार्ट का
अधिदेश पूरा
करने में अन्य
सहायक
कर्मचारी
कार्य करते
हैं।
कपार्ट के
नौ
क्षेत्रीय
केन्द्र
है जिन्हें
क्षेत्रीय
समिति कहा
जाता है और
यह
अहमदाबाद,
भुवनेश्वर,
चंडीगढ़,
धारवाड़,
गुवाहाटी,
हैदराबाद,
विजयपुर,
लखनऊ और पटना
में प्रत्येक
को सौंपे गए
क्षेत्र/अधिकार
क्षेत्र के
विकेन्द्रीकृत
आधार पर
कार्य करते
हैं।
कपार्ट
के कार्य/कर्तव्य
i.
बुनियादी
आयोजना,
गोष्ठियों
तथा
कार्यशालाओं
के आयोजन के
माध्यम से
स्वैच्छिक
गतिविधि को
प्रोत्साहन।
ii.
ज्ञान तथा
अनुभव को
आपस में
बांटने के
लिए एवं
प्रचारित
करने के लिए
एक मंच
प्रदान करना।
iii.
नवाचारी
आवश्यकता
आधारित
परियोजनाओं
को वित्तीय
सहायता
प्रदान करना।
iv.
स्वयंसेवी
संगठनों के
बीच
नेटवर्क के
विकास
द्वारा उन्हें
प्रोत्साहन
देना।
v.
नवाचारी
प्रौद्योगिकियों
का चयन और
प्रोत्साहन
तथा उनका
प्रसार।
vi.
ग्रामीण
निर्धनता
को कम करना।
vii.
पर्यावरण
तथा
प्राकृतिक
संसाधनों
के संरक्षण
के लिए
जागरुकता
लाना।
viii.
सुरक्षित
पेय जल, स्वच्छता
परिस्थितियों
आदि के
संबंध में
न्यूनतम
आवश्यकताएं
पूरी करना।
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